इस समय जब यह समाचार औरंगजेब को मिला तो उसने सुलतान मुअज्जम और दिलेररखां दोनों को बुला भेजा और उनकी जगह खानजहां को सूबेदार नियत कर दिया सम्भाजी के विषय में औरंगजेब ने उसको कैद करके दरबार (दिल्ली) में ले आने की आज्ञा दी परन्तु सम्भाजी किसी प्रकार बचकर भाग निकला और शिवाजी के साथ जा मिला। शिवाजी ने सम्भाजी को ’पनाला’ किले में कैद कर दिया जिससे कि कैद में रहकर उसका जोश शान्त हो जाये और वह अपने किये पर लज्जित हो।

अध्याय 13

शिवाजी का स्वर्गवास

सन् 1680 ई. का वर्ष प्रारम्भ हो चुका है। शिवाजी बीजापुर में अपने दरबार का प्रबन्ध करने में लगे हुए हैं। सम्पूर्णविजित भूमि, अपने पिता की जागीर तथा तत्जौर प्रान्त गोपाल और विहारी के इलाके के अधीन हैं। बीजापुर राज्य शिवाजी का ही समझा जायेगा। शिवाजी इस तमाम विजयोल्लास के आनन्द में मस्त हैं। उन्हें इस


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शिवाजी ने बराबर शाही शहर को लूटा और बहुत सा माल लेकर अपने रायगढ़ के किले में, जो कि

छत्रपति शिवाजी 73

उस समय ठीक बन चुका था, आ पहुंचे। उस समय अंगरेज और डच लोगों ने अपनी बस्तियों को बहुत मुश्किल से बचाया नही ंतो और भी बहुत सा धन हाथ आता। लौटने पर शिवाजी को समाचार मिला कि उनके पिता शिकार खेलते समय घोड़े पर से गिर जाने के कारण मर गये। ’शाहजी’ की मृत्यु सुन कर शिवाजी पित्शव की अन्त्येष्टिक्रिया में लग गये। इस काम से छुट्टी मिलने


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